अगर ईशान कोण दूषित हुआ तो बैंड बजा गया जिंदगी का........
वास्तु का अर्थ हमारी भाषा में सिर्फ इतना ही है की वास्तव में ऊर्जा का प्रवाह सही दिशा में हो। खगोल विज्ञान के अनुसार ब्रह्माण्ड अग्नि,पृथ्वी,वायु,जल व् आकाश तत्व से निर्मित है।जिसको हम पांच तत्व कहते है जब वही पांच तत्व शरीर के अनुरूप हो तो व्यक्ति का मन,मष्तिष्क व् शरीर रोगग्रस्त हो सकता है व् व्यक्ति अनेकानेक कारणों के लिए कर्ज लेता है और सही समय पे न चुका कर अपना मान सम्मान सब खो देता और पतन के रास्ते पर आ जाता है। हम मुख्य दिशायों के दोष से देखें की व्यक्ति किस कार्य हेतु कर्ज लेगा और समय पर चुका नही पायेगा। घर से सुख शांति सब चली जायेगी।
इशानकोण है वो कोना घर का
इशान कोण के देवता स्वामी ग्रह बृहस्पति को माना जाता है| गुरु ज्ञान,कोष विद्या एवं परिवार का कारक कहा जाता है| यदि ईशान कोण में कही दोष आ जाये तो उपरोक्त कारकों में कमी होगी, व्यक्ति आर्थिक सम्पन्नता आभाव से पीड़ित होगा। व्यवसाय में लगातार कार्य करने के उपरांत भी वांछित परिणाम प्राप्त नहीं होगा,इन कारकों की पूर्ति हेतु व्यक्ति कर्ज लेता है।
यदि हमध्यान से देखें तो इस दोष के कारणवश व्यक्ति कन्या के विवाह के लिए,धार्मिक अनुष्ठान हेतु,शिक्षा के लिए,भाई बहनों के कारणवश,व्यवसाय में उन्नति के कारण या आपूर्ति हेतु अथवा कई बार सामाजिक दिखावे के कारण कर्ज लेता है।
इस कोण के दोष से वंश वृद्धि नहीं होती।संतान कहने में नहीं होती,पत्नी रोगिणी होती है या अनावश्यक कलह होती है।
यदि इशान कोण में टॉयलेट है तोह व्यक्ति कलह वंश या संतान के लिए कर्ज लेता है।
इशान कोण में रसोई हो तो व्यक्ति के अनावश्यक व्यय होतें हैं,बरकत नहीं होती हैं,इसकी आपूर्ति हेतु कर्ज लेता है।
यदि इशान कोण में गंदगी है तो व्यक्ति अन्य स्त्रियों के कारण कर्ज लेता है।और अपना मान सम्मान सब खो देता है समाज मे हीन भावना से देखा जाता है।
यदि मकान में इशान कोण की दिशा लुप्त हो जाये तो अनावश्यक कर्ज लेना पड़ता है।
यदि इशान कोण और कोनों की अपेक्षा छोटा रह जाय तो पुत्र संतति में बाधा रहती है और कई बार डॉक्टरों,वैद्यों के चक्करों में कर्ज लेना पड़ता है।और फिर उन्हें उचित लाभ भी नही मिलता।
यदि इशान कोण माध्यम ऊंचाई पर है तो मनवांछित लाभ की पूर्ति हेतु कर्ज लेना पड़ता है|
यदि पूर्व या उत्तर की सड़क मकान की अपेक्षा ऊंचाई पर हो तो उसमें रहने वाले अनावश्यक,तनावग्रस्त,शुभ परिनामों से वंचित रहता है।

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