वास्तु दोषों की समस्या भाग कर शादी करती है लड़कियां विश्लेषण.....
ये स्थिति तब पैदा होती है जब वायव्य कोण में निर्मित पानी की टंकी, बोरिंग, सैप्टिक टैंक या कुआं अथवा किसी प्रकार से नीचा होने पर बेटी घर में कम बाहर अधिक रहती है। प्रायः देखा गया है कि ऐसी स्थिति में रहने वाली लड़कियां अपनी मर्जी से घर से भागकर शादी कर लेती हैं। अगर घर का वास्तु ठीक नहीं है, तो किशोरावस्था में लड़के-लड़कियों के कदम बहक सकते हैं। वर्तमान सहशिक्षा एवं जीवन शैली के आधुनिक पर्यावरण में वे कच्ची उम्र में ही प्यार-मोहब्बत के चक्कर में पड़कर अपना जीवन तबाह कर लेते हैं। यदि आपके घर में बेटी के साथ ऐसी कोई समस्या है,तो उसकी कुंडली किसी उचित ज्योतिष से विश्लेषण करवा कर उचित उपाय करे। बेटी को फटकारने के बजाय घर के वास्तु दोषों पर ध्यान दीजिए। उन वास्तु दोषों को दूर करने के उपाय कीजिए। समस्या स्वतः ही समाप्त हो जाएगी। यदि कन्या बालिग नहीं है, तो उसे वायव्य दिशा शयनकक्ष में नहीं सुलाना चाहिए। वस्तुतः वायव्य कोण में उच्चाटन की प्रवृति होती है। इसका उद्देश्य वायव्य कोण में सोने वाले जातक को घर से बाहर भेजना होता है। कम उम्र की कन्या जिसकी अभी शादी होली है, वायव्य दिशा के बेडरूम में सोने पर चंचल हो जाती है। अर्थात् ऐसी कन्या के वायव्य दिशा के कमरे में सोने पर कदम बहक सकते हैं।

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